IP Address क्या होता है? जानिए विस्तार से - TechGuruHindi

by - अप्रैल 25, 2020

IP Address kya hota hai

आज के इस आधुनिक समय में इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ही तेजी से बढ़ता जा रहा है। अगर आप भी इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो आपने कभी-न-कभी IP Address नाम जरूर सुना होगा। लेकिन ज्यादातर इंटरनेट यूजर्स को यह नहीं पता होता है कि IP Address क्या होता है? अगर आपको भी IP Address के बारे में नहीं पता तो आप हमारी इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें क्योकि इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि IP Address क्या होता है? तो आइए दोस्तों जानते हैं -


IP Address क्या होता है?

IP Address की फुल-फॉर्म - इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (Internet Protocol Address) होती है IP Address एक विशेष प्रकार के नंबरों का कोड होता है जोकि प्रत्येक इंटनरेट का इस्तेमाल करने वाले डिवाइसों (जैसे - मोबाइल, टेबलेट और कंप्यूटर/लैपटॉप आदि) को प्रदान किया जाता है जिसके चलते हर इंटरनेट से चलने वाले डिवाइसों को पहचाना जा सकता है कि वह किस स्थान से इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। एक तरह से, IP Address आपके डिवाइस का पता(Address) होता है अथवा IP Address से ही इंटरनेट पर आपके डिवाइस की पहचान होती है जिसके चलते आपके डिवाइस को पहचाना जाता है कि आपका डिवाइस किस स्थान से चलाया जा रहा है।

उदहारण के तौर पर, अगर आप अपने किसी दोस्त के पास फ़ोन करना चाहते हो तो आपको अपने फ़ोन में आपके दोस्त का मोबाइल नंबर डालना होगा उसके बाद ही आप अपने दोस्त को फ़ोन लगाकर बात कर सकते हैं तो इस प्रकार आपके दोस्त के मोबाइल नंबर द्वारा उसके फ़ोन को पहचाना जाता है। उसी प्रकार, कंप्यूटर समेत और भी बहुत सारे डिवाइस जिनमें इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है उन सब डिवाइसों की पहचान उनके IP Address के द्वारा होती है।


IP Address के संस्करण (IP Versions in Hindi)

IP Address के दो संस्करण होते हैं -

  1.  IPv4
  2.  IPv6

1. IPv4

IP Address का चौथा संस्करण IPv4 है। IPv4 का IP Address संख्याओं में होता है जोकि चार भागो में दशमलव (.) के द्वारा बटा होता है और इसके चारो भाग 8-8 Bits के होते हैं, इस प्रकार इस संस्करण का IP Address 32 Bit का होता है। इसके सभी भागो में 0 से लेकर 255 तक की संख्या हो सकती है।

  • इस संस्करण का IP Address कुछ इस प्रकार दिखता है -  103.49.116.222 
IPv4 के केवल 4 बिलियन IP Address ही उपलब्ध हैं अथार्त यह संस्करण केवल 4 बिलियन IP Address ही प्रदान कर सकता है।

इंटरनेट के डिवाइसों का इस्तेमाल करने वाले लोगो की संख्या दिन-भर-दिन बढ़ती ही जा रहा है जिसके चलते अधिक-से-अधिक इंटरनेट के डिवाइसों के लिए अधिक-से-अधिक IP Address की आवश्यकता है और जैसा कि आपने पढ़ा ही होगा कि IPv4 केवल 4 बिलियन IP Address ही प्रदान करने की क्षमता रखता है। इसी समस्या को हल करने के लिए IPv4 को Upgrade करके इसका नया संस्करण IPv6 को विकसित किया गया।

2. IPv6

IPv4 के बाद इसका अगला संस्करण IPv6 है। IPv6 का IP Address संख्याओं और वर्णों (Alphabets) दोनों में होता है जोकि आठ भागो में Colon (:) के द्वारा बटा होता है और इसके आठों भाग 16 Bit के होते हैं, इस प्रकार अगर हम इसके सभी भागो के Bits को जोड़ें तो यह कुल 128 Bits का होगा। इस प्रकार इस संस्करण का IP Address 128 Bit का होता है।

  • इस संस्करण का IP Address कुछ इस प्रकार दिखता है -  2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334 
IP Address के संस्करण IPv6 में अनगिनित IP Address उपलब्ध हैं अथार्त इस संस्करण के IP Address  इतनी ज्यादा मात्रा में है कि उन्हें गिनना भी मुश्किल है। अगर हम इसके आकड़ों की बात करें तो इस संस्करण के द्वारा प्रदान करी जाने वाली IP Address की संख्या है - 340,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000

परन्तु हम आपको बता दें कि आज के समय में भी ज्यादातर डिवाइसों में IPv6 के IP Address का इस्तेमाल बेहद कम ही देखने को मिलता है बल्कि उसके बदले IPv4 का ही इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।


IP Address के प्रकार (Types of IP Address in Hindi)

IP Address के दो प्रकार हैं -

  1. Private IP Address
  2. Public IP Address

1. Private IP Address

इसके अंतगर्त एक निजी इंटरनेट कनेक्शन (जैसे - राऊटर, मॉडम आदि) के जरिए हम अपने बहुत डिवाइस (जैसे - कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट और मोबाइल आदि) को कनेक्ट करते हैं तो यह एक प्रकार का प्राइवेट एड्रेस होता है। इसमें आपके इंटरनेट कनेक्शन (जैसे - राऊटर, मॉडम आदि) को एक IP Address प्रदान किया जाता है और वही आपके डिवाइस का IP Address भी होता है।

2. Public IP Address

इसके अंतगर्त ISP (Internet Service Provider) के द्वारा IP Address हमारे डिवाइस जैसे - राऊटर, मॉडम और मोबाइल आदि को प्रदान किया जाता है।

Public IP Address के दो भाग होते हैं - 

  1. Dynamic IP Address
  2. Static IP Address
1.) Dynamic IP Address - इसके अंतगर्त आपके डिवाइस की IP Address आपके ISP (Internet Service Provider) द्वारा बदली जाती है और यह थोड़ी-थोड़ी देर में बदलती रहती है।

2.) Static IP Address - इसके अंतगर्त आपको एक IP Address दिया जाता है जोकि कभी नहीं बदलता है वह आपके डिवाइस को हमेशा के लिए प्रदान किया जाता है।


IP Address कैसे पता करें?

अगर आप अपने डिवाइस का IP Address पता करना चाहते हैं तो ऐसे बहुत सारे तरीके हैं जिनसे आप अपने डिवाइस का IP Address पता कर सकते हैं। तो आइए दोस्तों जानते हैं उन तरीको के बारे में -

1. Private IP Address

मैकबुक
  • सबसे पहले आप अपने MacBook में Terminal पर क्लिक करके उसे ओपन कर लें।
  • उसके बाद आप New Window पर क्लिक करें।
  • फिर आप ifconfig लिख कर Enter दबा दें।
  • उसके बाद आप अपने MacBook का IP Address देख पाएंगे।
विंडोज
  • सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर के विंडोज वाले Icon पर क्लिक करके सर्च वाले Icon पर क्लिक करें।
  • उसके बाद आप सर्च बॉक्स में Command Prompt लिख दें। 
  • Command Prompt के ओपन होने के बाद आप ipconfig लिख कर Enter बटन दबा दें।
  • उसके बाद Command Prompt के अंदर एक लिस्ट आएगी जिसमें IPv4 Address के सामने एक कुछ नंबर लिखे होंगे और वही आपके PC डिवाइस का प्राइवेट IP Address है।
एंड्राइड
  • सबसे पहले आप अपने एंड्राइड डिवाइस में Settings को ओपन कर लें।
  • फिर उसमें WiFi वाले ऑप्शन पर Tap करें।
  • उसके बाद आपको नीचे की तरफ Additional Settings/Advanced Settings पर Tap करें।
  • उसके बाद बाद आपको आपके एंड्राइड डिवाइस का IP Address देखने को मिल जाएगा।
अतः इस प्रकार आप अपने डिवाइसों के Private IP Address को देख सकते हैं।

2. Public IP Address

  • अपने डिवाइस के पब्लिक IP Address को जानने के लिए सबसे पहले आप अपने डिवाइस में कोई भी ब्राउज़र ओपन करें।
  • उसके बाद आप अपने ब्राउज़र में Google सर्च इंजन को ओपन कर लें।
  • गूगल के सर्च बार में आप 'My IP Address' लिख कर सर्च कर दें।
  • उसके बाद जो नंबर आपको देखने को मिलेगा वही आपके डिवाइस का IP Address है।
अतः इस तरह आप अपने डिवाइस (जैसे - मोबाइल, टेबलेट, कंप्यूटर, मैकबुक आदि) के पब्लिक IP Address को देख सकते हैं।


IP Address क्यों जरूरी होता है?

अगर हम इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की जानकारी किसी अन्य को भेजते हैं या फिर किसी भी प्रकार की जानकारी को अपने डिवाइस में प्राप्त करते हैं तो यह सब IP Address के द्वारा ही सही डिवाइस में पहुँच सकती है। एक तरह से आप IP Address को इंटरनेट का मुख्य स्त्रोत कह सकते हैं क्योकि IP Address के द्वारा ही जानकारी सही डिवाइसों में आदान-प्रदान करी जाती है।

यदि हमारे डिवाइस का कोई IP Address नहीं होगा तो इंटरनेट पर खोजी जाने वाली जानकारियाँ और इंटरनेट पर भेजी जाने वाली जानकारियाँ सही डिवाइसों में नहीं आदान-प्रदान हो पायेंगी अथवा यह कहा जा सकता है कि IP Address के बिना किसी भी डिवाइस में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। अतः यह कहा जा सकता है कि किसी भी डिवाइस में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए IP Address बेहद ही जरूरी होता है।


यह भी पढ़ें - VPN क्या होता है? और VPN को कैसे इस्तेमाल करते हैं?


निष्कर्ष

यह कहा जा सकता है कि IP Address के द्वारा ही हम सब के डिवाइस को इंटरनेट पर पहचाना जाता है और बिना IP Address के हम अपने डिवाइस में इंटरनेट पर जानकारी का आदान-प्रदान नहीं कर सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी हुई जानकारी IP Address क्या होता है? जरूर पसंद आई होगी। आपको हमारे द्वारा दी हुई जानकारी कैसी लगी? ये हमें कमेंट करके जरूर बताएं और इस जानकारी को शेयर करना बिल्कुल भी न भूलें।

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